हर दिन एक नई शुरुआत Kaise Kare?

ऐसा कहा जाता है कि हर दिन एक नई शुरुआत होती है और हर सुबह सूर्य की नई किरण आशा की किरण लेकर आती है और हर नई सुबह ख़ुशियों से भर देती हैं। यदि, आप परेशान रहते है और अपनी ज़िंदगी में मेहनत कर के सफलता हासिल करना चाहते है तो यह लेख आपके लिए है। किन्तु, आप आलास को दूर किए बगैर ही सफलता चाहते है तो आप गलत जगह है।

कुछ भी संभव है, अगर इरादा मजबूत हो तो – 

आज कल के कुछ नव जवान बहुत जल्दी ही गुस्सा कर लेते हैं और ऐसा कर देते हैं जो उन्हें नहीं करना चाहिए। जैसे आत्महत्या कर देते हैं जो उन्हें नहीं करना चाहिए और खुद तो परेशान होते है और  parents को परेशान करते हैं।

ऐसा नहीं है कि कुछ नहीं कर सकते हैं अगर मन में हिम्मत है ज़ज़्बा है तो 100% आप सफलता हासिल कर सकते हों। फिर चाहे कोई साथ नहीं दे पर ईमानदार व्यक्ति के साथ भगवान हमेशा साथ देता है। 

  • जो बीत गया उसे तो बदला नहीं जा सकता, लेकिन जो आने वाला है वो अपने हाथ में है। 
  • जिंदगी बहुत ख़ूबसूरत है इसे बेकार की बातों में व्यतीत ना करें। 
  • जो लोग कामयाब हैं वो अपने फैसले से दुनिया बदल देते हैं और वो अपने जीवन में कुछ चमत्कार कर देते हैं।

ज़िंदगी का कोई पन्ना दोबारा नहीं आएगा। 

साल का दूसरा महीना फरवरी होता है। यह महीने में सबसे कम दीन होते हैं। फ़रवरी में कई बार 28 दिन होते हैं और कई बार 29 दिन होते हैं। 2021 के फरवरी महीने में 28 दीन है पर इसका यह मतलब नहीं कि एक दिन कम होने से आपकी ज़िंदगी बदल जाएगी। 

“Try, try but never cry”

ज़रूरी नहीं हमेशा 1 जनवरी को ही हो पहला साल हो! या फिर कई लोग अचानक यह भी सोचते है कि यह साल leap year हैं 4 साल में एक बार आया यह साल मेरी ज़िंदगी का सर्वश्रेष्ठ साल होगा। इस साल में यह करुंगा, वह करुंगा पर वह साल भी हर साल की तरह ही बीत जाता है। इसलिए कहा गया है कि “कल करें सो आज कर आज करे सो अभी”!

नई शुरुआत करने की सलाह हम आसानी से दुसरो को कह देते हैं और लेकिन हमारे लिए भी आसान नहीं होता है। किन्तु, कहते है ना कि मेहनत करेंगे तो सफलता मिलती ही है। इसलिए हर पल नया है वक़्त अगर चला गया तो कभी आएगा नहीं तो घबंराए नहीं जिधर है वहीं से एक नई शुरुआत कीजिए।

यूनिटी इं डायवर्सिटी! 

भारत में अलग अलग धर्म के लोग अलग अलग त्योहार मानते है। जैसे पंजाबी का नया साल बैसाखी को मनाया जाता है, सिंधी का नया साल चेटीचंड को मनाया जाता है आदि हर तरह के धर्म के लोगों का नया साल तिथि के हिसाब से अलग अलग होता है। यदि, आप सही में कुछ करना चाहते हो तो आपको बस उस समय अपना इरादा पक्का करना है। यदि, आप भी उनमें से हैं जिन्हें हर नए साल लेने कि आदत है तो आप विश्व के किसी भी धर्म के नए साल पर अपना इरादा मजबूत कर के नए goals set कर सकते है।

स्कूल या कॉलेज का पहला दिन 

स्कूल के पहले दिन उसके लिए सब कुछ नया होता है।जैसे नए टीचर, नए दोस्त, नई स्कूल में सब कुछ उसके लिए नया होता है और कुछ बच्चे रोते हैं क्योंकि उनके लिए यह सब नया होता है और बच्चे डर जाते हैं नया लोगों को देखते ही। किन्तु, वक्त रहते संभाल भी जाते है वैसे ही आपको डर से डरने कि जरूरत नहीं है बस अपने अंदर का बच्चा ज़िंदा रखें और जो मन में। आए वह करें किन्तु, सोच समझ कर।

  • किताबें पढ़ें 

जितना हमें खाली समय मिलें उतनी देर किताबें पढ़े और उससे जानकारी हासिल करें और कुछ नया सीखें जिससे उन्हें खुशी मिलें। किताबें पढ़ने के लिए थोड़ा समय निकालें। 

  • टाइम वेस्ट ना करें 

लोगों को दोस्तों के साथ गपशप करने में बड़ा मज़ा आता है। हां कुछ देर सही हैं पर हर समय  यह करना मतलब टाइम बर्बाद करना। समय से ज़्यादा महंगी चीज इस दुनिया में कुछ नहीं है। 

  • व्यायाम करना चाहिए

रोज एक घंटा व्यायाम करें, प्राणायाम करना चाहिए और सुबह बाहर टहलने जाना जाए। जिससे आपकी सुबह की शुरुआत अच्छी हो। 

वक़्त निकाले

अपने लिए और अपने परिवार के लिए थोड़ा वक़्त निकाल ना चाहिए जिससे उनको भी खुशी मिलें और आपका भी मन लगा रहें।