क्रोध करना हमारी सेहत के लिए हानिकारक है!

मानव जीवन में क्रोध करना आज अहम बात हो गई है। आज के इस युग में क्रोध हर कोई करता है जैसे बढ़े, बुजुर्ग और बच्चे ।आज की युवा पीढ़ी में भी क्रोध बहुत है और हम छोटी छोटी बातों में क्रोध करते हैं । क्रोध करने से हमारी सेहत पर असर पड़ता है और क्रोध करने से हमारा दिमाग कमजोर होता है। कुछ लोगो का यह भी कहना है की नींद न होने के कारण वह बहुत थकान महसूस करते है और उन्हें क्रोध आ जाता है ।

आइए अब जानते है कि गुस्से के क्या है गेरफायदें?

हम अपने जीवन में हम सभी किसी न किसी पर क्रोध करते है। तभी हम उन्हे क्रोध में कुछ ग़लत भी कह देते है जो हमें नहीं कहना चाहिए। साथ ही क्रोध में हम उन पर कई बार हाथ भी उठा देते हैं जो हमें नहीं करना चाहिए। इससे हमारे परिवार पर गलत असर पड़ता है और उससे हमारे रिश्ते खराब हो जाते है। क्रोध करते समय तो नहीं परन्तु, उसके पश्चात हमें हमारी गलती का एहसास होता है और हमारी एक गलती की सजा हमारे पूरे परिवार को भुगतना पड़ती है । क्रोध करने से अच्छे अच्छे रिश्तों में टूट जाते है। कई लोग ऐसा कहते है कि किसी और का क्रोध किसी और पर निकल जाता है जिससे संबंध खराब हो जाते है। 

हम गुस्से में भूल जाते है कि हम किससे बात कर रहे हैं और हम यह भी नहीं देखते कि हमारे सामने कोई बड़ा है या फिर कोई रिश्तेदार या ऐसा कोई जिनकी हमें इज़्ज़त करनी चाहिए।

क्रोध आने पर हमें क्या-क्या करना चाहिए? 

गुस्सा करने से हमारी सेहत पर असर पड़ता है और हम बीमार पड़ जाते है । क्रोध करना हर परेशानी का समाधान नहीं होता और जीवन में ऐसी कई बाते होती है जिस पर हमें क्रोध करना पड़ता है। परन्तु हमें शांति से काम करना चाहिए। 

  • ऐसा भी कहा जाता है कि अगर हमें बहुत क्रोध आए तो हमें दो गिलास पानी पी लेना चाहिए। 
  • उस जगह से बहार चले जाना चाहिए और उस विषय में हमें कुछ नहीं कहना चाहिए। 
  • आज के समय का सबसे अच्छा एवं मन पसंदीदा तरीका कि क्रोध आने पर हमें गाना सुन लेना चाहिए ,व्यायाम करना चाहिए। 
  • यदि, कुछ ना सही तो आप  खुली हवा का मज़ा लेने के लिए बहार टेहलने चले जाएं।
  • कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे  आप के मन को शांति मिले ।

व्यायाम

आपको रोज़ थोड़ी देर गहरी सांस लेने का प्रयास करना चाहिए। हर रोज़ प्राणायाम करना चाहिए, रोज़ कोशिश करें कि बहार  टहलने जा सके। Relaxation Techniques कि मदद लेनी चाहिए जिससे मन शांत रहे और भी स्वस्थ्य रहे । 

बहार चले-जाना 

कोई ऐसी बात हो जिससे क्रोध आए तो  बिना कुछ कहे बहार चले-जाना चाहिए। बहार जाकर कुछ खाकर आए जैसे चॉकलेट, आइसक्रीम और कोल्ड्रिंक्स आदि, जैसी कोई भी ठंडी चीज जिससे मन शांत हो जाए। 

अक्सर देखा गया है कि क्रोध में व्यक्ति घर की कई चीजें फेक देते है और उसमें हम खुद का ही नुकसान करते है । हम घर पर ही नहीं रहेंगे तो हमारा भी नुकसान नहीं होगा। और ना तो हम किसी से बात करेंगे। वैसे भी कम बात करना हमारी सेहत के लिए ही अच्छा होगा।

कुछ ना बोले 

गुस्से में कुछ ऐसा नहीं कहना चाहिए जिससे हमें बाद में परेशानी हो और कहा जाता हैं कि क्रोध में हम कुछ ना कहे तो हमारी सेहत के लिए भी अच्छा है और अगर हम कुछ कहते तो हमारा ही नुकसान है। उसे अच्छा हमें अपने गुस्से को पी लेना चाहिए। 

अगर हम चाहते है कि हमारा मन शांत रहे तो हम स्वस्थ रहना होगा और यह बात कोरोना के बात तो साफ हो ही गई है कि “सेहत ही सम्मपती है” । शांत मन से हम हमारा काम कर सकते है जैसे हम पढ़ाई पर और हम अपने करियर पर भी अधिक ध्यान दे सकते है। हमें स्वस्थ रहना है तो हमें हमारा क्रोध काबू में रखना होगा और हमें हमारा मन शांत रखना होगा। गुस्सा  करना हमारी सेहत के लिए हनिकराक है। कभी कभी समझदार इंसान भी अपमानित होकर   क्रोध को दबा लेते है और इसी तरह क्रोध को काबू में करते हैं ।